नीतीश कुमार ने राजभवन जाकर बुधवार (19 नवंबर) को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया. इसके साथ ही उन्होंने राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को एनडीए विधायकों के समर्थन का पत्र सौंप दिया है और राज्य में नई सरकार बनाने का दावा पेश किया. एनडीए के विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद नीतीश कुमार ने राजभवन जाकर राज्यपाल से मुलाकात की। इससे पहले नीतीश कुमार JDU विधायक दल के नेता चुने गए. बुधवार (19 नवंबर) को मुख्यमंत्री आवास में जेडीयू विधायक दल की बैठक हुई. इसमें सर्वसम्मति से नीतीश कुमार को नेता चुन लिया गया.
नीतीश कुमार 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेंगे. पटना के गांधी मैदान में गुरुवार (20 नवंबर) को शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया जा रहा है. इसे लेकर जोर-शोर से तैयारियां की जा रही हैं. नीतीश कुमार ने मंगलवार (18 नवंबर) को खुद ही गांधी मैदान पहुंचकर शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां का जायजा लिया था| 75 वर्षीय नीतीश कुमार 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। 2000 में पहली बार सत्ता संभालने वाले नीतीश कुमार बीच में कुछ दिन का समय छोड़ दें तो 2005 से मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बने हुए हैं।
बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 202 सीटें जीतने में सफलता हासिल की है. बीजेपी 89 सीटें जीतकर राज्य में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. वहीं नीतीश कुमार की जनता दल (यूनाइटेड) के खाते में 85 सीटें गई और पार्टी संख्या के हिसाब से दूसरे नंबर पर रही.
इसके साथ ही चिराग पासवान की पार्टी एलजेपी (आर) ने 19 सीटों पर जीत दर्ज की है. वहीं, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा को 5 और आरएलएम को 4 सीटों पर जीत हासिल हुई है. दूसरी तरफ महागठबंधन को बुरी तरह से हार का सामना करना पड़ा और 35 सीटों पर ही सिमट गया.