अगले महीने से बैंक ग्राहक अपने खाते में अधिकतम चार नॉमिनी का विकल्प चुन सकेंगे। इस सुविधा का मकसद बैंकिंग प्रणाली में दावों के निपटान में एकरूपता और दक्षता सुनिश्चित करना है। वित्त मंत्रालय की ओर से गुरुवार को जारी एक बयान में इस फैसले की जानकारी दी गई। जिसका सीधा असर भारत के करोड़ों बैंक उपभोक्ताओं पर होगा. सरकार की ओर से जानकारी दी गई है कि, नए कानून से ग्राहकों का अपने पैसे और संपत्ति पर ज्यादा नियंत्रण होगा. साथ ही, ग्राहकों के लिए बैंकिंग सेवा को और अधिक लचीला बनाया गया है । मंत्रालय ने कहा, ‘ग्राहक चार नॉमिनी बना सकते हैं और हर नॉमिनी का हिस्सा या प्रतिशत तय कर सकते हैं। इससे सभी नॉमिनी के बीच ट्रांसपैरेंट बंटवारा होगा।
जो लोग डिपॉजिट, सेफ कस्टडी में सामान या लॉकर रखते हैं, वो चार नॉमिनी बना सकते हैं। अगर ऊपर वाला नॉमिनी नहीं रहा, तो अगला नॉमिनी काम करेगा। इससे निपटारा और उत्तराधिकार में क्लेरिटी रहेगी।
अगले महीने से लागू हो रहे बैंकिंग कंपनियां (नॉमिनेशन) नियम 2025 में नॉमिनेशन बनाने, रद्द करने या एक से ज्यादा नॉमिनी तय करने के लिए प्रोसेस औरस फॉर्म होंगे जल्द जारी होंगे।’
वित्त मंत्रालय ने बताया है कि जमा राशि, सुरक्षित अभिरक्षा में रखी वस्तुएं या लॉकर रखने वाले व्यक्ति अधिकतम चार नामांकित व्यक्तियों का नाम जोड़ सकते हैं। यहां नामांकित व्यक्ति केवल पहले नामित व्यक्ति की मृत्यु के बाद ही हकदार होगा। इससे निपटान में निरंतरता और उत्तराधिकार की स्पष्टता सुनिश्चित होती है। बयान में कहा गया है, “इन प्रावधानों के कार्यान्वयन से जमाकर्ताओं को अपनी पसंद के अनुसार नामांकन करने की सुविधा मिलेगी, साथ ही बैंकिंग प्रणाली में दावा निपटान में एकरूपता, पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित होगी।”