संयुक्त राष्ट्र में फिलिस्तीन को एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता देने का मुद्दा चर्चा में है. फ्रांस, ब्रिटेन, कनाडा और पुर्तगाल जैसे देशों ने फिलिस्तीन को अलग देश के रूप में मान्यता देने का समर्थन किया है. हालांकि, फिलिस्तीन को पहले ही 130 से अधिक देशों ने मान्यता दी हुई है, फिर भी UN सदस्यता प्राप्त करना बाकी है. UN चार्टर के अनुच्छेद 4 के अनुसार, यह प्रस्ताव UN सुरक्षा परिषद में रखा जाएगा जिसमें 5 स्थायी और 10 अस्थायी सदस्य देश हैं.
प्रस्ताव को पारित होने के लिए कम से कम 9 देशों का समर्थन और किसी भी स्थायी सदस्य द्वारा वीटो का प्रयोग नहीं होना आवश्यक है। यूके के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर लिखा, ‘मध्य पूर्व में बढ़ते संकट के बीच, हम शांति और दो-राष्ट्र समाधान की संभावना को बनाए रखने के लिए कदम उठा रहे हैं, जिसमें एक सुरक्षित और संरक्षित इजरायल के साथ-साथ एक व्यवहार्य फिलिस्तीनी राज्य शामिल है. शांति और दो-राष्ट्र समाधान की उम्मीद को जीवित रखने के लिए, मैं इस महान देश के प्रधानमंत्री के रूप में स्पष्ट रूप से घोषणा करता हूं कि यूनाइटेड किंगडम औपचारिक रूप से फिलिस्तीन राज्य को मान्यता देता है ।
यह कदम मध्य पूर्व में शांति और दो-राष्ट्र समाधान की संभावना को जीवित रखने की दिशा में एक बड़ा नीतिगत बदलाव माना जा रहा है. इस कदम से इजरायल और उसके प्रमुख सहयोगी संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ पश्चिमी देशों का तनाव बढ़ सकता है. । इस बीच दुनिया के सबसे बड़े इस्लामिक देश ने इजरायल की सुरक्षा की बात की है. यूनाइटेड नेशंस जनरल असेंबली में अपनी 19 मिनट की स्पीच में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबिआंतो ने कहा कि दुनिया को इजरायल के सुरक्षा के अधिकार का सम्मान करना चाहिए.