प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में भाग लेते हुए भारत के दृष्टिकोण को तीन मुख्य स्तंभों में प्रस्तुत किया – Security (सुरक्षा), Connectivity (संपर्क), और Opportunity (अवसर)।
PM मोदी ने SCO के सदस्य देशों को संबोधित करते हुए कहा कि सुरक्षा, शांति और स्थिरता विकास का आधार हैं, लेकिन आतंकवाद, अलगाववाद और अतिवाद इस मार्ग में बड़ी चुनौती हैं। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता और “डबल स्टैंडर्ड” न अपनाने की अपील की।
उन्होंने बताया कि भारत ने SCO-RATS के अंतर्गत अल-कायदा जैसे संगठनों के खिलाफ अभियान का नेतृत्व किया और कट्टरपंथ से लड़ने के लिए समन्वय बढ़ाने की पहल की।
Connectivity पर बात करते हुए उन्होंने चाबहार पोर्ट और International North-South Transport Corridor जैसे प्रोजेक्ट्स का ज़िक्र किया, और क्षेत्रीय संप्रभुता के सम्मान की बात दोहराई।
Opportunity के तहत, उन्होंने स्टार्टअप्स, इनोवेशन, डिजिटल समावेशन और बौद्ध विरासत को जोड़ने की दिशा में भारत की पहल साझा की। उन्होंने SCO के अंतर्गत एक “Civilizational Dialogue Forum” की भी प्रस्तावना दी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत “Reform, Perform और Transform” के मंत्र पर चलते हुए वैश्विक सहयोग के लिए नए अवसर उत्पन्न कर रहा है। उन्होंने SCO को समावेशी वैश्विक व्यवस्था का मार्गदर्शक बनने का सुझाव दिया।
अंत में, PM मोदी ने किर्गिज़स्तान के राष्ट्रपति को अगले SCO अध्यक्ष के रूप में बधाई दी और सभी सदस्य देशों को भारत की विकास यात्रा से जुड़ने का निमंत्रण दिया।
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