कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने पुणे की अदालत में कहा कि उनकी जान को खतरा है क्योंकि उनकी राजनीतिक लड़ाइयों और शिकायतकर्ता सत्यकी सावरकर के वंश को देखते हुए उन्हें खतरे की आशंका है। उनके वकील ने अदालत को बताया कि शिकायतकर्ता का संबंध गोडसे परिवार से है और भाजपा नेताओं से भी उन्हें धमकियां मिली हैं जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। राहुल गांधी ने खुद की सुरक्षा और केस की निष्पक्ष सुनवाई के लिए प्रिवेंटिव प्रोटेक्शन देने की मांग की है। राहुल गांधी के वीर सावरकर पर दिए गए एक बयान को लेकर उनके वंशज सत्यकी ने पुणे में केस दायर किया हुआ है।
इस केस की लंबे समय से सुनवाई चल रही है। इस केस में कोर्ट ने कांग्रेस नेता को उपस्थित होने के लिए समन किया था। कोर्ट में कांग्रेस नेता के वकील मिलिंग पवार ने कहा है कि शिकायतकर्ता सत्यकी का सावरकर और गाेडसे के परिवार से संबंध है। वह अपने प्रभाव का दुरुपयोग कर सकते हैं। राहुल गांधी के वकील ने कहा कि दोनों की पारिवारिक पृष्ठभूमि हिंसक और गलत रही है। राहुल गांधी के वकील ने बीजेपी नेता बिट्टू और तरविंदर मारवाह की धमकियों का उल्लेख किया।
जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर राहुल गांधी ठीक व्यवहार नहीं करेंगे तो उनका हाल दादी (इंदिरा गांधी) जैसा होगा सावरकर के पोते सत्यकी सावरकर ने कहा कि यह आवेदन काफी समय पहले दायर किया गया था, लेकिन राहुल गांधी ने जानबूझकर मामले में देरी की। राहुल गांधी का बयान पूरी तरह अप्रासंगिक है।
अदालत यह बात पहले ही कह चुका है कि मामले की सुनवाई के लिए राहुल गांधी की व्यक्तिगत मौजूदगी जरूरी नहीं है, इसके बावजूद वह कार्यवाही में देरी कर रहे हैं। असल में मामला महाराष्ट्र के अकोला जिले में 17 नवंबर, 2022 में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल गांधी ने एक रैली में सावरकर को लेकर टिप्पणी की थी। उन्होंने मीडिया के सामने एक चिट्ठी दिखाते हुए कहा था कि यह चिट्ठी सावरकर ने अंग्रेजों को लिखी थी। इसमें उन्होंने खुद को अंग्रेजों का नौकर बने रहने की बात कही थी। साथ ही डरकर माफी भी मांगी थी। गांधी-नेहरू ने ऐसा नहीं किया, इसलिए वे सालों तक जेल में रहे।