1 अगस्त से 6 ऐसे फाइनेंशियल बदलाव हो गए हैं, जिसका असर आम आदमी पर पड़ने वाला है. इस दौरान UPI के नियमों में बदलाव होने से लेकर ईंधन और रसोई गैस तक की कीमतों में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है. आइए देखते हैं कि अगले महीने से क्या कुछ बदलने जा रहा है.
1 अगस्त से देशभर में UPI पेमेंट सिस्टम से जुड़े नए नियम लागू हो गए हैं. ये बदलाव सीधे तौर पर आपकी जेब, आपके ऐप और आपकी रोज की डिजिटल आदतों पर असर डालेंगे. अगर आप रोज़ाना कई बार UPI से ट्रांजैक्शन करते हैं, बैलेंस चेक करते हैं या पेमेंट स्टेटस देखते हैं तो अब सावधान हो जाइए. क्योंकि अब इन पर लिमिट लगा दी गई है।
अब आप दिनभर में केवल 50 बार ही अकाउंट बैलेंस चेक कर पाएंगे. पहले इसकी कोई सीमा नहीं थी, लेकिन अब बार-बार बैलेंस देखने की आदत पर लगाम लग गई है. यह बदलाव खासकर उन यूज़र्स को ध्यान में रखकर किया गया है, जो हर थोड़ी देर में बैलेंस चेक करते हैं.
अब ऑटोपे ट्रांजैक्शन सिर्फ सुबह 10 बजे से पहले या दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे के बीच ही प्रोसेस होंगे. यानी अगर आपने Netflix, SIP या किसी भी ऐप का पेमेंट ऑटो पर सेट कर रखा है, तो ये केवल इन्हीं समय स्लॉट्स में कटेगा.
अब किसी एक UPI ऐप से दिनभर में सिर्फ 25 बार ही अकाउंट की डिटेल्स या ट्रांजैक्शन हिस्ट्री देखी जा सकेगी. यानी बार-बार हिस्ट्री स्क्रॉल करने की आदत अब लिमिटेड हो गई है |
अब आप एक महीने में सिर्फ 10 बार ही चार्जबैक की रिक्वेस्ट कर सकते हैं. किसी एक व्यक्ति या मर्चेंट से पैसे वापसी की लिमिट सिर्फ 5 बार की होगी. यानी फर्जी रिवर्सल रिक्वेस्ट पर भी अब कंट्रोल होगा.