संगम नगरी प्रयागराज में महाकुंभ का शुभारंभ हो गया है. पौष पूर्णिमा के दिन आज पहला शाही स्नान है. लाखों लोग आज संगम नगरी में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं. सुबह 9:00 बजे तक तकरीबन 50 लाख श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान कर लिया है. पौष पूर्णिमा यानि आज बुधादित्य योग का अद्भुत संयोग बन रहा है. स्नान के बाद सकल कामना सिद्धी, जनकल्याण व राष्ट्र अभ्युदय के लिए यज्ञ-अनुष्ठान आरंभ हो जाएगा. पौष पूर्णिमा के पहले स्नान पर्व से पूर्व रविवार को लगभग 50 लाख श्रद्धालुओं ने संगम त्रिवेणी में आस्था की डुबकी लगाई. बड़ी संख्या में साधु संतों के साथ ही पुरुषों, महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों ने संगम में डुबकी लगाई.
संगम पर एंट्री के सभी रास्तों पर भक्तों की भीड़ है। महाकुंभ के चलते वाहनों की एंट्री बंद है। श्रद्धालु बस और रेलवे स्टेशन से 10-12 किलोमीटर पैदल चलकर संगम पहुंच रहे हैं।
भीषण ठंड में विदेशी भक्त भी डुबकी लगा रहे हैं। ब्राजील के आए श्रद्धालु फ्रांसिस्को ने कहा- मैं योग का अभ्यास करता हूं। मोक्ष की खोज कर रहा हूं। भारत दुनिया का आध्यात्मिक हृदय है। जय श्रीराम।
60 हजार जवान सुरक्षा और व्यवस्था संभालने में लगे हैं। पुलिस कर्मी स्पीकर से लाखों की संख्या में आई भीड़ को मैनेज कर रहे हैं। जगह-जगह कमांडो और पैरामिलिट्री फोर्स के जवान भी तैनात हैं।
एपल के को-फाउंडर स्टीव जॉब्स की पत्नी लॉरेन पॉवेल जॉब्स भी महाकुंभ पहुंच चुकी हैं। उन्होंने निरंजनी अखाड़े में अनुष्ठान किया। वह कल्पवास भी करेंगी।
महाकुंभ 144 साल में दुर्लभ खगोलीय संयोग में हो रहा है। महाकुंभ को लेकर गूगल ने भी खास फीचर शुरू किया। महाकुंभ टाइप करते ही पेज पर वर्चुअल फूलों की बारिश हो रही है।