दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण बढ़ने के बाद ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP-2) का दूसरा चरण लागू किया गया है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए ग्रेप-2 के तहत मंगलवार सुबह आठ बजे से कई पाबंदिया लगाने का निर्देश दिया है। अब दिल्ली-एनसीआर में डीजल जनरेटर चलाने पर रोक लागू हो गई है। दिल्ली वालों ने 94 दिनों के बाद सोमवार को ‘बेहद खराब’ गुणवत्ता वाली हवा में सांस ली और शहर का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 310 पर पहुंच गया। इस बीच दिल्ली में ग्रैप-2 की पाबंदियां लागू कर दी गई हैं।
एक्यूआई लेवल 300 से ज्यादा होने पर CAQM ने आदेश जारी किया। ग्रैप 2 सिस्टम के बाद से दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद में डीजल के जनरेटर चलाने पर पूरी तरीके से पाबंदी लगाई जाएगी. ग्रैप सिस्टम को चार चरणों में लागू किया जाएगा. इसको लेकर सभी विभाग अपनी अपनी तैयारियों में जुटे हुए हैं. इसके तहत हाईराइज सोसायटी, मॉल और अस्पतालों और इंडस्ट्री में ऐसे जेनरेटर को ही चलाने की इजाजत होगी, जो पीएनजी या बायो फ्यूल पर चलते हो. ग्रेैप 2 के तहत डीजल जनरेटर चलने पर रोक लगेगी, प्राइवेट गाड़ियों के इस्तेमाल को कम करने के लिए पार्किंग फीस को बढ़ाया जाएगा, सीएनजी-इलेक्ट्रिक बसों और मेट्रो की सर्विस को बढ़ाया जाएगा, RWA अपने सिक्योरिटी गार्ड को हीटर देंगी ताकि वे गर्माहट के लिए कूड़ा, लकड़ी या कोयला न जलाएं, नैचुरल गैस, बायो गैस, एलपीजी से चलने वाले जेनरेटर चल सकेंगे, 800kwa से अधिक क्षमता वाले जेनरेटर तभी चल सकेंगे जब वह रेट्रोफिटिंग करवाएंगे।
इस बीच दिल्ली एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए आज से दिल्ली में ‘रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ’ अभियान शुरू किया गया है। उसकी शुरुआत दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कार्यकर्ताओं के साथ आईटीओ की रेड लाइट से किया। इस अभियान के तहत उन्होंने गाड़ी चालकों से रेड लाइट होने पर गाड़ी का इंजन बंद कर प्रदूषण कम करने में अपना योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा है कि “दिल्ली वालों को दिल्ली के बाहर से आने वाले प्रदूषण की मार झेलनी पड़ती है। “आप” शासित पंजाब में पराली जलने की घटनाएं लगातार कम हो रही हैं, लेकिन बीजेपी शासित हरियाणा और यूपी में पराली जलने की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं।