विमानों को बम की धमकियां मिलने का सिलसिला थम नहीं रहा है. रविवार को करीब 20 विमानों को धमकी मिली है. इसके बाद सोमवार से अब तक कुल 90 विमानों को धमकियां मिल चुकी हैं. भारत में पिछले कुछ दिनों से लगातार शरारती तत्व किसी विमान में बम रखे होने की झूठी कॉल करके विमानन कंपनियों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं. लगभग 40 उड़ानों को बम की धमकियां मिली अब तक मिल चुकी हैं. हालांकि जांच में ये सभी झूठी साबित हुईं.
लेकिन, बम होने की इन झूठी सूचनाओं ने एयरलाइन कंपनियों को 60-80 करोड़ रुपये की चपत लगा दी है. दरअसल, किसी विमान में बम होने की सूचना मिलने पर फ्लाइट को अपने निर्धारित एयरपोर्ट की बजाय नजदीकी हवाई अड्डे पर उतारा जाता है. इससे ईंधन की खपत तो ज्यादा होती ही है, विमान की जांच करने, यात्रियों को होटलों में ठहराने और उन्हें उनके गंत्वय तक पहुंचाने के लिए विमान की व्यवस्था करनी पड़ती है. इन सब पर करीब तीन करोड़ रुपये तक खर्च हो जाते हैं. नागरिक उड्डयन मंत्रालय उड़ानों पर बम धमकी के झूठे कॉल से निपटने के लिए सख्त कदमों पर विचार कर रहा है। यह कदम विमानन सुरक्षा के मानकों को मजबूत करने के लिए उठाए जा रहे हैं।
मंत्रालय, बीसीएएस के पुराने सुझावों पर फिर से गौर कर रहा है। इन सुझावों में अफवाह फैलाने वालों का नाम पांच साल के लिए ‘नो-फ्लाई’ सूची में डालना और ‘एयरक्राफ्ट एक्ट, 1934’ में बदलाव करना शामिल है। इस एक्ट की जगह ‘भारतीय वायुयान विधेयक, 2024’ लाया गया है जिसे अगस्त में लोकसभा ने पास कर दिया था। इस नए कानून में हवाई जहाज में बम की अफवाह फैलाने वालों से सख्ती से निपटने के लिए विशेष प्रावधान होंगे।