अपनी पांच दीवसीया भारत यात्रा पर आए मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू का भारत दौरा काफी अहम माना जा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने देश की यात्रा का निमंत्रण दिया है। माना जा रहा है कि पीएम मोदी अगले साल भारत-मालदीय कूटनीतिक संबंधों की स्थापना की 60वीं वर्षगांठ पर माले का दौरा कर सकते हैं। हालांकि,अभी तक इस बारे में कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। भारत, मालदीव के साथ संबंधों को सुधारने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में पीएम मोदी के मालदीव दौरे को दोनों देशों के संबंधों में मील के पत्थर की तरह देखा जा सकता है।
भारत और मालदीव ने रिश्तों को मजबूत बनाने के मकसद से सोमवार को 40 करोड़ डॉलर (करीब 3 हजार करोड़) की करेंसी अदला-बदली यानी करेंसी स्वैप को लेकर करार किया. इससे मालदीव को फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व से जुड़े मुद्दों से निपटने में मदद मिलेगी. अब क्या होता है करेंसी स्वैप ये भी समझ लीजिए। करेंसी स्वैप का मतलब होता है करेंसी/मुद्रा की अदला बदली. इस करार में 2 देश या संस्थाएं आपस में अपने देशों की करेंसी की अदला बदली कर लेते हैं ताकि अपनी अपनी वित्तीय जरूरतों को बिना किसी नुकसान के पूरा किया जा सके. करेंसी स्वैप करार के तहत एक दूसरे को विदेशी मुद्रा में कर्ज प्रदान करने के लिए सहमत होता है. रीपेमेंट एक निश्चित तिथि और विनिमय दर पर एक अलग मुद्रा में होता है.
ऐसे कर्जों पर लगाई जाने वाली ब्याज दर आमतौर कम होती है. आमतौर पर कोई सरकार देश में फॉरेन करेंसी की पर्याप्तता सुनिश्चित करने के लिए विदेशी समकक्षों के साथ करेंसी स्वैप एग्रीमेंट करते हैं. ताजा करेंसी स्वैप करार के बाद भारत मालदीव को विदेशी मुद्रा में कर्ज देगा, जो अमेरिकी डॉलर हो सकता है. बदले में मालदीव को तय ब्याज दर पर भारतीय रुपये में पैसा लौटाना होगा.।
- इसके अलावा दोनों नेताओं ने मालदीव के इहावंधिपपोलु और गाधू द्वीपों पर मालदीव आर्थिक गेटवे परियोजना में योगदान देने वाली ‘ट्रांसशिपमेंट’ सुविधाओं और बंकरिंग सेवाओं के विकास के लिए सहयोग की संभावना तलाशने को लेकर भी सहमति जताई।
- दोनों पक्ष हनीमाधू और गान एयरपोर्ट की पूरी क्षमता का पूर्ण उपयोग करने के लिए संयुक्त रूप से काम करने पर भी सहमत हुए। इनका विकास भारत की सहायता से किया जा रहा है।
भारत यात्रा पर आए मुइज्जू ने कहा, “अगले साल, हम दोनों देशों के बीच औपचारिक कूटनीतिक संबंधों की स्थापना की 60वीं वर्षगांठ मनाएंगे। मैंने प्रधानमंत्री मोदी को इस अवसर को मनाने के लिए मालदीव की राजकीय यात्रा करने के लिए आमंत्रित किया है।” दिल्ली के हैदराबाद हाउस में, कहा कि भारत और मालदीव एक ऐसे भविष्य का निर्माण करने के लिए मिलकर काम करेंगे, जो हमारे दोनों देशों को लाभान्वित करेगा। उन्होंने कहा, “मालदीव हमारे देशों और हमारे क्षेत्र की शांति और विकास के हमारे साझा दृष्टिकोण के लिए प्रतिबद्ध एक सच्चा मित्र बना रहेगा।”