कौन संभालेगा दिल्ली की सत्ता?

कौन संभालेगा दिल्ली की सत्ता?

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल मंगलवार को सीएम पद से इस्तीफा दे सकते हैं। दिल्ली के उपराज्यपाल (LG) विनय सक्सेना ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को मंगलवार शाम साढ़े 4 बजे मिलने का समय दिया है। इसी समय केजरीवाल CM पद से इस्तीफा देंगे और नया नाम सौंपेंगे। कल ही आप विधायक दल की बैठक भी है जहां नए मुख्यमंत्री पर फैसला होगा।

आम आदमी पार्टी की विधायक दल की बैठक मंगलवार सुबह 11 बजे होगी, जिसमें दिल्ली के नए मुख्यमंत्री का नाम घोषित किया जाएगा. आतिशी, कैलाश गहलोत , सौरभ भारद्वाज, गोपाल राय, इन चारों के नाम सबसे आगे माने जा रहे है। विधायक दल की बैठक में मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लगेगी । सवाल ये भी उठ रहा है कि जेल के अंदर रहते तो इस्तीफा नहीं दिया लेकिन अब इस्तीफे का ऐलान क्यों। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को सीएम की कुर्सी छोड़ने का एलान कर दिया था। उन्होंने कहा था कि वो दो दिन बाद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे। विधायक दल की बैठक सीएम आवास पर ही की जाएगी। जिन चार चेहरों को सबसे आगे माना जा रहा है आईए सिलसिलेवार तरीके से जानते हैं किसमें कितना है दम।

जो नाम सामने आ रहे हैं उन्में आतिशी को दौड़ में सबसे आगे माना जा रहा है । इसका कारण है कि सबसे ज्यादा मंत्राल्य उनके पास है। पार्टी का महिला चेहरा हैं। याद दिला दें कि स्वतंत्रता दिवस पर झंड़ा फहराने के लिए केजरीवाल ने आतिशी का ही नाम दिया था। केजरीवाल की सबसे भरोमंद मंत्रियों में से एक है। पार्टी में निर्विरोध चेहरा है। लेकिन इसी के साथ यदि कमज़ोरी की बात करें तो इनसे सीनियर कई नेता हैं जो लाईन में हैं, युवा मंत्री , तजुरबा कम इसी लिए सबसे बाद में मंत्री पद दिया गया, साथ ही जल बोर्ड में रहते इनके काम को लेकर सवाल उठे। दूसरा नाम कैलाश गहलोत का सामने आ रहा है, जाट बहुल इलाके में इनकी पकड़ है। परिवहन घोटाले में आरोप लगे, प्रशासनिक अनुभव की कमी। बाहरी दिल्ली में फकड़।

यदि हरियाणा में चुनावों की बात करें तो इन्हें मुख्यमंत्री बना कर हरियाणा में चेहरा साध सकती है पार्टी। इसके बाद नाम आता है गोपाल राय का। जातिगत समीकरणों मे फिट, आंदोलन के समय से पार्टी के साथ, पार्टी के संस्थापक रहे हैं। सीनीयर है , केजरीवाल के करीबी हैं। लेकिन प्रशासनिक अनुभव की कमी। स्वास्थय कारणों की वजह से सक्रियता कम। अगला नाम है सौरभ भारद्वाज का। पार्टी के संस्थापक सदस्य, कई अहम मंत्राल्य इनके पास हैं। लेकिन पार्टी में कई सीनीयर नेता हैं , वहां कितनी स्वीकार्यता होगी ये सवाल है। तो देखना ये होगा कि कौन बनेगा दिल्ली का अगला मुख्यमंत्री।

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