जम्मू कश्मीर चुनावों में हराम हलाल की एंट्री

जम्मू कश्मीर चुनावों में हराम हलाल की एंट्री

जंग चाहे मैदान की हो या चुनाव की सब जायज़ है। जम्मू कश्मीर में भी कुछ ऐसा ही आलम है। पहले चुनाव ना लड़ने की कसमें खाने वाले उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती अब प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रुप से मैदान में आ ही गए। अब चुनावी शोरगुल में हराम हलाल जैसे शब्दों की एंट्री भी हो गई है। महबूबा मुफ्ती ने जमात-ए-इस्लामी (जेईआई) पर प्रतिबंध हटाने का आह्वान किया ताकि वह जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनावों में भाग ले सके। उन्होंने नैशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला की उस टिप्पणी को अफसोसजनक बताया, जिसमें उन्होंने कहा था कि जमात-ए-इस्लामी कभी चुनावों को हराम (निषिद्ध) मानती थी, लेकिन अब हलाल (मान्य) मानती है। महबूबा ने 1987 का जिक्र करके उमर अब्दुल्ला को निशाने पर लिया। महबूबा ने कहा कि 1987 में, जब जेईआई और अन्य समूहों ने चुनावों में भाग लेने की कोशिश की, तो एनसी ने बड़े पैमाने पर अनियमितताएं कीं क्योंकि वे नहीं चाहते थे कि कोई तीसरी ताकत उभरे। उनके कारण ही आखिर में जेईआई और अन्य समूहों ने चुनाव का बहिष्कार किया।

महबूबा ने सरकार से जेईआई पर प्रतिबंध हटाने और उसकी जब्त संपत्ति वापस करने की बात कही है। उन्होंने कहा, ‘अगर जमात-ए-इस्लामी चुनाव लड़ना चाहती है, तो यह अच्छी बात है… यह लोकतांत्रिक विचारों की लड़ाई है और इसमें किसी को भी भाग लेने की अनुमति दी जानी चाहिए। उनकी संस्थाओं और संपत्तियों को जब्त करके वापस किया जाना चाहिए।’

महबूबा ने कहा कि यह बयान खेदजनक है और यह ‘दुर्भाग्यपूर्ण है कि नेशनल कॉन्फ्रेंस जीतते समय चुनाव को हलाल और हारते समय हराम कहती है।’उन्होंने कहा, ‘1947 में जब दिवंगत शेख अब्दुल्ला पहली बार जम्मू-कश्मीर के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी बने थे, तब चुनाव हलाल थे। उन्होंने कहा, ‘जब वे मुख्यमंत्री बने, तो चुनाव हलाल थे। लेकिन जब उन्हें पद से हटा दिया गया, तो 22 साल तक चुनाव हराम हो गए।’

Also Read –

Related Posts

महिला आरक्षण संशोधन बिल पर सरकार को झटका, 298 बनाम 230 वोटों से नहीं मिला बहुमत

नई दिल्ली, 18 Apr, (Political Insight): संसद के विशेष सत्र के दूसरे दिन लोकसभा में महिला आरक्षण कानून में संशोधन और परिसीमन आयोग से जुड़े अहम बिलों पर तीखी बहस…

बंगाल चुनाव 2026: कांग्रेस की 5 बड़ी गारंटी, महिलाओं से युवाओं तक हर वर्ग को साधने की रणनीति

पश्चिम बंगाल में कांग्रेस ने 5 बड़ी गारंटी का ऐलान किया है, जिसमें मुफ्त शिक्षा, ₹10 लाख स्वास्थ्य बीमा, किसानों और महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता शामिल है। कोलकाता, 15…