प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को 2 दिन के पोलैंड दौरे पर पहुंचे। उनका यहां जोरदार स्वागत किया गया। इसके बाद उन्होंने नवानगर के जाम साहब दिग्विजयसिंहजी रणजीतसिंहजी जाडेजा के स्मारक पर शृद्धांजलि अर्पित की।
इसके बाद पीएम मोदी ने भारतीय मूल के लोगों को संबोधित किया। 45 साल बाद कोई पीएम पहली बार पोलैंड आया है। जहां उन्होंने कहा कि हमारी नीति यह है कि हमें सभी देशों से नजदीकी बनाए रखनी है।
भारत और पोलेंड के बीच एक लंबा और गहरा रिश्ता रहा है। जिसमें इतिहास से लेकर व्यापार राजनैतिक सास्कृतिक रक्षा और लोगों का आफसी समनवय तक शामिल है।
इतिहास: भारत औऱ पोलैंज के बीच सामरिक रिश्तों की शुरुवात साल 1954 में हुई। हालाकि रिश्ता 18वीं सदी से भी जुड़ा है जब भारत और पोलैंड की सेनाएं एक साथ बरतानवी फौजों से लड़ी थी।
आर्थिक: मध्य य़ुरोप में पोलैंड भारत का एक बड़ा व्यापारिक साथ है। भारत औऱ पोलैंड के बीच द्वीपक्षीय व्यापार काफी बड़ा है , जिसमें भारत से कपड़ा, दवा और हीरे जेवरात भारत से पोलैंड को जाते हैं और मशीनरी, रासायन औऱ इलैक्ट्रौनिक सामान भारत पोलैंड से लेता है।
राजनैतिक: भारत औऱ पोलैंड एक दूसरे का अंतरराष्ट्रीय राजनैतिक मंचो पर भी समर्थन करते हैं फिर खासकर आतंकवाद के मुकाबले को लेकर दोनो देशों की रणनिति एक है।
सांस्कृतिक: दोनो देशों में कला ,शिक्षा और पर्यटन में अच्छी साझेदारी है, दोनो ही देश एक दूसरे की संस्कृति औऱ कला का सम्मान करते हैं। भारत से कई विद्यार्थी पोलैंड पढ़ने के लिए भा जाते हैं।
रक्षा क्षेत्र: भारत और पोलैंड के रिश्ते रक्षा के क्षेत्र में भी परसपर सबंधो को मानते है। साझा युद्धाभ्यास के ज़रिए अक्सर दोनो देशों की सेनाए अपनी क्षमताओं को परखती रहती है। इसके अलावा रक्षा उत्पाद के जरिए भी दोनो एक मंच पर साथ आते हैं।