नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी 3.0 का पहला बजट पेश कर दिया है. इस बार के बजट में कई खास बातें देखने को मिली. एक तरफ सरकार ने बजट में मिडिल क्लास, युवा, किसान, छोटे उद्योग और महिलाओं को कुछ ना कुछ देने की कोशिश की है, तो दूसरी तरफ अपने सहयोगी दलों को साधने का राजनीतिक कौशल भी दिखाया है. आखिर कैसा है निर्मला सीतारमण का ये 7वां बजट…
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को लगातार 7वीं बार देश का बजट पेश करके एक नया रिकॉर्ड बनाया. वहीं मोदी 3.0 का ये पहला बजट भी रहा. ये बजट कई मायनों में ऐतिहासिक कहा जाएगा क्योंकि इस बजट में जहां सरकार ने रोजगार निर्माण के लिए कौशल विकास पर जोर दिया है. तो वहीं एनडीए गठबंधन के सहयोगियों को साधने का राजनीतिक कौशल भी दिखाया है. सरकार ने बजट की 9 प्राथमिकताएं तय की हैं. राजकोषीय स्थिति को मजबूत बनाए रखने के साथ मिडिल क्लास, युवा, किसान, छोटे उद्योगों, मजदूरों और महिलाओं सभी को कुछ ना कुछ देकर जनता पर भरपूर प्यार भी लुटाया है.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को उनके करीबी लोग अक्सर ‘निर्मला ताई’ कहकर भी संबोधित करते हैं. ‘ताई’ यानी ‘बड़ी बहन’ की तरह ही वित्त मंत्री ने इस बार बजट में हर किसी का ख्याल भी रखा है, तो शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स से लेकर राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को लेकर सख्ती भी दिखाई है. चलिए एक नजर में समझते हैं कि क्या है इस बजट में…
सबसे पहले बात मिडिल क्लास की
मिडिल क्लास, देश में इनकम टैक्स से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाला तबका है. इस तबके का खास ख्याल रखते हुए निर्मला सीतारमण ने न्यू टैक्स रिजीम में स्टैंडर्ड डिडक्शन की लिमिट को 50,000 रुपए से बढ़ाकर 75,000 रुपए कर दिया. इस टैक्स रिजीम में 7 लाख रुपए तक की इनकम पर पहले से ही टैक्स रिबेट मिलती थी और 50,000 रुपए के स्टैंडर्ड डिडक्शन के साथ इफेक्टिव टैक्स-फ्री इनकम 7.5 लाख रुपए हो जाती थी, जो अब 7.75 लाख रुपए होगी.