नई दिल्ली, 27 Apr, (Political Insight): दिल्ली की राजनीति में आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ा झटका लगा है, जहां उसके राज्यसभा के दो-तिहाई सांसदों के भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने की खबर ने सियासी हलचल तेज कर दी है। इस घटनाक्रम के बाद AAP ने इसे लोकतंत्र और दल-बदल विरोधी कानून की भावना के खिलाफ बताया है और कड़ा रुख अपनाया है।
AAP के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने संवैधानिक प्रावधानों के तहत कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने बताया कि कानूनी विशेषज्ञों से सलाह लेने और वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल की राय के बाद राज्यसभा के सभापति एवं उपराष्ट्रपति को याचिका भेजी गई है। इस याचिका में सातों सांसदों की सदस्यता समाप्त करने की मांग की गई है, जो संविधान की दसवीं अनुसूची (एंटी-डिफेक्शन कानून) के तहत आती है।
संजय सिंह ने यह भी कहा कि इस विषय पर सुप्रीम कोर्ट के कई महत्वपूर्ण फैसले मौजूद हैं, जो इस तरह के मामलों में स्पष्ट दिशा-निर्देश देते हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि न्यायसंगत फैसला होगा और AAP इस मुद्दे पर कानूनी लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ेगी।
इस घटनाक्रम ने एक बार फिर दल-बदल कानून की प्रभावशीलता और राजनीतिक नैतिकता पर बहस छेड़ दी है। आने वाले दिनों में राज्यसभा के सभापति के फैसले और संभावित कानूनी प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।