पश्चिम बंगाल:- मतदाता सूची विसंगतियों पर E.C.I सख्त

पश्चिम बंगाल:- मतदाता सूची विसंगतियों पर E.C.I सख्त

कोलकाता:- निर्वाचन आयोग (ECI) ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची की कथित विसंगतियों पर कड़ा रुख अपनाते हुए सभी संबंधित नोटिस अगले चार-पांच दिनों के भीतर प्रभावित मतदाताओं तक पहुंचाने का सख्त निर्देश जारी किया है। आयोग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) कार्यालय ने सभी जिला चुनाव अधिकारियों (DEO) को निर्देश दिया है कि आज (7 जनवरी) से प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में भेजे गए नोटिसों की प्रतिदिन रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिव्यूजिशन – S.I.R) अभियान के दौरान राज्य में करीब 1 करोड़ 36 लाख मतदाताओं के आंकड़ों में विसंगतियां पाई गई थीं। इनमें डुप्लिकेट एंट्री, मृत मतदाताओं के नाम, गलत पता और अवैध प्रवासियों के नाम शामिल थे। सत्यापन, फील्ड जांच और सुधारों के बाद यह संख्या घटकर लगभग 95 लाख रह गई है। ईसीआई के अनुसार, नोटिस में मतदाताओं को 15 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने या दावा-आपत्ति दर्ज करने का मौका दिया जाएगा, अन्यथा नाम हटाए जा सकते हैं।

विसंगतियों के कारण और आयोग की रणनीति:-

पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची विवाद लंबे समय से चला आ रहा है, खासकर 2021 विधानसभा चुनावों के दौरान जब बीजेपी ने 20 लाख ‘अवैध’ मतदाताओं का आरोप लगाया था। SIR, 2025 में शुरू हुआ, जिसमें बूथ लेवल ऑफिसर (BLO), राजनीतिक दलों और नागरिकों की भागीदारी से डेटा सत्यापित किया गया। विश्लेषकों का मानना है कि विसंगतियां मुख्य रूप से शहरीकरण, प्रवासन (बांग्लादेश से अवैध घुसपैठ के आरोप) और राजनीतिक हस्तक्षेप से उपजी हैं। ECI की यह कार्रवाई पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में है, जिसमें डिजिटल टूल्स जैसे ई-वेरिफिकेशन और आधार लिंकिंग का उपयोग हो रहा है। हालांकि, टीएमसी ने इसे ‘राजनीतिक साजिश’ बताते हुए विरोध जता दिया है।

आगामी नगर निगम चुनावों पर असर:-

यह सफाई राज्य में 2026 में होने वाले नगर निगम चुनावों (कोलकाता, हावड़ा, आसनसोल आदि) के लिए महत्वपूर्ण है। इन चुनावों में 144 नगर पालिकाएं और 7 नगर निगम शामिल हैं, जहां कुल 5 करोड़ से अधिक मतदाता भाग लेंगे। स्वच्छ मतदाता सूची से फर्जी वोटिंग रुकेगी, जो बीजेपी-टीएमसी के बीच कांटे की टक्कर वाले क्षेत्रों (जैसे कोलकाता उत्तर, हावड़ा दक्षिण) में निर्णायक साबित हो सकती है। पिछले नगर चुनावों (2022) में टीएमसी ने 80% सीटें जीती थीं, लेकिन बीजेपी ने 15% तक सेंध लगाई। ईसीआई का यह कदम 2026 विधानसभा चुनावों की पूर्व तैयारी भी माना जा रहा है, जहां सटीक मतदाता सूची लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरूरी होगी। यदि विसंगतियां पूरी तरह दूर हो जाती हैं, तो मतदान प्रतिशत 85% से ऊपर जा सकता है।

ECI ने सभी दलों से सहयोग की अपील की है, ताकि प्रक्रिया सुचारू रहे। राज्य में राजनीतिक तनाव बढ़ने की आशंका है, लेकिन आयोग ने कहा है कि कानून का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।

ये भी पढ़ें-

Related Posts

मोदी सरकार ने अमेरिका के सामने सरेंडर कर दिया: राहुल गांधी

नई दिल्ली, June 4, (Political Insight) : कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को खराब मौसम के कारण अल्मोड़ा में प्रस्तावित जनसभा को ऑडियो संदेश…

TMC में बड़ी टूट! ऋतब्रत बनर्जी बने नेता प्रतिपक्ष, ममता खेमे ने जताई आपत्ति

कोलकाता, June 4, (Political Insight) : पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सामने राजनीतिक संकट गहराता जा रहा है। पार्टी से अलग हुए 60 विधायकों ने बुधवार को विधानसभा…