बांग्लादेश संसदीय चुनाव 2026: BNP की बड़ी जीत पर PM मोदी ने तारिक रहमान को दी बधाई

बांग्लादेश संसदीय चुनाव 2026: BNP की बड़ी जीत पर PM मोदी ने तारिक रहमान को दी बधाई

ढाका/नई दिल्लीः- बांग्लादेश के संसदीय चुनाव 2026 में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की उल्लेखनीय बढ़त के बीच PM मोदी ने BNP अध्यक्ष तारिक रहमान को जीत की बधाई दी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह परिणाम बांग्लादेश की जनता के उनके नेतृत्व पर भरोसे को दर्शाता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा, “बांग्लादेश में संसदीय चुनावों में BNP को बड़ी जीत दिलाने के लिए मैं तारिक रहमान को दिल से बधाई देता हूं। यह जीत बांग्लादेश के लोगों का आपके नेतृत्व पर विश्वास दिखाती है। भारत एक लोकतांत्रिक, प्रगतिशील और सबको साथ लेकर चलने वाले बांग्लादेश के समर्थन में खड़ा रहेगा।”

उन्होंने आगे कहा कि भारत दोनों देशों के बहुआयामी संबंधों को और मजबूत करने तथा साझा विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने का इच्छुक है।
आपको बता दे कि तारिक रहमान ने ढाका-17 सीट से जीत दर्ज की है। यह 17 वर्षों से अधिक समय तक स्वैच्छिक निर्वासन में रहने के बाद उनकी वापसी के पश्चात पहला बड़ा चुनावी मुकाबला था। वे पिछले वर्ष दिसंबर में लंदन से बांग्लादेश लौटे थे।

जीत के बाद रहमान ने पार्टी कार्यकर्ताओं से विजय जुलूस न निकालने की अपील की और देशभर में जुमे की नमाज के बाद विशेष दुआ आयोजित करने का आग्रह किया।
बांग्लादेश चुनावी तस्वीर: किसे कितनी बढ़त प्रारंभिक रुझानों के अनुसार BNP 198 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी 62 सीटों पर आगे है, जबकि नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) 2 सीटों पर बढ़त में बताई जा रही है।

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार 300 में से 299 सीटों पर मतदान हुआ। एक सीट पर उम्मीदवार की मृत्यु के कारण चुनाव स्थगित कर दिया गया था। मतगणना प्रक्रिया जारी है और अंतिम परिणाम की औपचारिक घोषणा निर्वाचन आयोग द्वारा की जानी है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि और संकटः-

बांग्लादेश में पिछले कुछ वर्षों से राजनीतिक अस्थिरता और ध्रुवीकरण का माहौल रहा है। BNP और सत्तारूढ़ दल के बीच लंबे समय से टकराव की स्थिति बनी रही। विपक्षी दलों ने निष्पक्ष चुनाव, चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और अंतरिम सरकार की मांग को लेकर देशव्यापी प्रदर्शन किए थे।

पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की पार्टी BNP ने चुनावी सुधारों और प्रशासनिक निष्पक्षता को प्रमुख मुद्दा बनाया। वहीं अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना और उनकी पार्टी के साथ राजनीतिक प्रतिस्पर्धा ने चुनावी माहौल को बेहद संवेदनशील बना दिया था।

विश्लेषकों का मानना है कि आर्थिक चुनौतियां—जैसे महंगाई, विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव और रोजगार के मुद्दे—भी मतदाताओं के फैसले में महत्वपूर्ण कारक रहे। कानून-व्यवस्था, संस्थागत सुधार और बुनियादी ढांचे के विकास को लेकर जनता में अपेक्षाएं बढ़ी हैं।

भारत-बांग्लादेश संबंधों पर नजरः-

बांग्लादेश दक्षिण एशिया में भारत का एक महत्वपूर्ण पड़ोसी और रणनीतिक साझेदार है। व्यापार, ऊर्जा, कनेक्टिविटी और सुरक्षा सहयोग दोनों देशों के रिश्तों के प्रमुख आयाम हैं। ऐसे में नई राजनीतिक परिस्थिति में द्विपक्षीय संबंधों की दिशा और प्राथमिकताओं पर भी नजर रहेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि BNP औपचारिक रूप से सरकार बनाती है, तो क्षेत्रीय सहयोग, सीमा प्रबंधन, जल बंटवारे और आर्थिक साझेदारी जैसे मुद्दों पर नई सरकार की नीतियां अहम होंगी।

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