नई दिल्लीः- भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने कहा है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत भारत की संतुलित, सटीक और दृढ़ सैन्य कार्रवाई ने सीमा-पार आतंकवाद के खिलाफ देश की तैयारी, निर्णायक क्षमता और रणनीतिक स्पष्टता को साबित किया है। उन्होंने बताया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ अभी भी जारी है और किसी भी भविष्य के दुस्साहस का कड़ा जवाब दिया जाएगा। सेनाध्यक्ष ने कहा कि देश के उत्तरी बॉर्डर पर स्थिति फिलहाल स्थिर है, लेकिन निरंतर सेना द्वारा लगातार सतर्कता बनाए रखी जा रही है। शीर्ष स्तर की बातचीत, संपर्क की बहाली और विश्वास-निर्माण उपायों से हालात में धीरे-धीरे सामान्यीकरण हो रहा है।
बांग्लादेश के साथ संपर्क बनाए रखने पर जोरः-
बांग्लादेश को लेकर जनरल द्विवेदी ने कहा कि किसी भी तरह की गलतफहमी से बचने के लिए भारतीय सेना ने कई संवाद चैनल खुले रखे हैं। उन्होंने बताया कि उनकी नियमित बातचीत होती रहती है और नौसेना प्रमुख व वायुसेना प्रमुख भी संपर्क में हैं। इसके अलावा भारतीय सेना का एक प्रतिनिधिमंडल भी बांग्लादेश का दौरा कर चुका है। ताकि किसी भी तरह का कोई मिसकम्युनिकेशन ना हो। सेनाध्यक्ष ने बताया कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद उच्चतम स्तर पर निर्णायक प्रतिक्रिया का फैसला लिया गया, जिसके तहत ऑपरेशन सिंदूर की योजना बनाई गई और उसे बेहद सटीकता के साथ अंजाम दिया गया।
उन्होंने आपने इस बातचीत में आगे यह भी कहा कि 7 मई 2025 को 22 मिनट की तीव्र कार्रवाई और 10 मई तक चले 88 घंटे के समन्वित अभियान के दौरान आतंकवादी ढांचे पर गहरे प्रहार किए गए। इस दौरान नौ में से सात लक्ष्यों को सफलतापूर्वक नष्ट किया गया और आतंकवादी नेटवर्क को गंभीर नुकसान पहुंचाया गया।
पाक अधिकृत इलाकों में अभी भी सक्रिय आतंकी कैंपः-
जनरल द्विवेदी ने आपने बयान में बताया कि भारतीय सीमा से सटे पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाकों में अब भी करीब आठ आतंकी कैंप सक्रिय हैं। इनमें से दो अंतरराष्ट्रीय सीमा के सामने और छह नियंत्रण रेखा के सामने स्थित हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय सेना इन पर लगातार नजर रखे हुए है और किसी भी गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य और भारत की तैयारीः-
सेनाध्यक्ष ने कहा कि पिछले एक वर्ष में दुनिया भर में सशस्त्र संघर्षों में तेज वृद्धि हुई है, जो यह दर्शाता है कि केवल तैयार राष्ट्र ही अपने भविष्य को सुरक्षित रख सकते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य के युद्ध किसी एक हथियार या एक सेवा से नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर के संयुक्त प्रयासों से जीते जाएंगे। प्रधानमंत्री के जॉइंटनेस, आत्मनिर्भरता और नवाचार के मंत्र इसी दिशा में भारत की सैन्य सोच को मजबूत कर रहे हैं।
जनरल द्विवेदी ने बताया कि पिछले 14–15 महीनों में संगठनात्मक सुधारों से जुड़े करीब 31 सरकारी अनुमोदन जारी किए गए हैं, जिनमें एविएशन ब्रिगेड की स्थापना जैसे ऐतिहासिक फैसले शामिल हैं। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत पहल से भारतीय सेना की क्षमताएं लगातार सशक्त हो रही हैं।
सेना में महिला स्काइडाइविंग दल का गठनः-
थल सेना प्रमुख ने कहा कि आर्मी मेडिकल कोर और आर्मी एजुकेशन कोर में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने को लेकर ठोस प्रगति हुई है। इसके साथ ही भारतीय सेना में एक विशेष महिला स्काइडाइविंग दल का गठन किया गया है। इस दल की महिला सदस्यों ने अब तक लगभग 520 सफल जंप पूरे किए हैं, जो सेना में महिलाओं की बढ़ती भूमिका, साहस और उत्कृष्ट प्रशिक्षण का प्रतीक है।
जनरल द्विवेदी ने इस अवसर पर CAPF, खुफिया एजेंसियों, नागरिक निकायों, राज्य प्रशासन और गृह मंत्रालय तथा रेल मंत्रालय सहित विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों की भूमिका की भी सराहना की।