नई दिल्लीः- लोकसभा में कल एस.आई.आर.(SIR) और चुनावी सुधारों को लेकर तीखी बहस हुई, जिसमें गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्षी दलों पर अपने वोट बैंक को सुरक्षित रखने के लिए अवैध प्रवासियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि देश में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री जैसे महत्वपूर्ण पद घुसपैठिए तय नहीं कर सकते।
गृह मंत्री ने बताया कि एस.आई.आर. का उद्देश्य मतदाता सूची में एक व्यक्ति के नाम कई जगह दर्ज होने जैसी गलतियों को दूर करना और अवैध प्रवासियों के नाम हटाकर सूची को सही बनाना है। उन्होंने कहा कि डुप्लीकेट नामों की वजह से चुनावों की विश्वसनीयता प्रभावित होती है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि देश को फिर से विभाजित करने वाले भौगोलिक परिवर्तनों की अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही, 2,216 किलोमीटर लंबी बांग्लादेश सीमा पर लगातार हो रही घुसपैठ को रोकने पर भी बल दिया। तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस जैसे दलों पर “घुसपैठियों को बचाने की राजनीति” करने का आरोप लगाते हुए गृह मंत्री ने कहा कि वोटर उन्हें चुनाव में इसका जवाब देंगे।
गृह मंत्री ने सरकार की “पता लगाओ, हटाओ और देश से निकालो” नीति को दोहराते हुए स्पष्ट किया कि अवैध प्रवासियों को मतदाता सूची में शामिल नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि एस.आई.आर. का लक्ष्य किसी खास समुदाय को निशाना बनाना नहीं, बल्कि लोकतंत्र की रक्षा करना और स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना है।
वहीं आपको बताते चले कि इस चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गाँधी ने गृह मंत्री को आपने प्रेस कान्फ्रेँस पर चर्चा करने का खुला चैलेंज भी दिया।