दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन की मुश्किलें और बढ़ गई हैं. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उनकी कंपनियों से जुड़ी 7.44 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच कर ली है. यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग कानून (PMLA) के तहत की गई है. । दरअसल, ईडी की जांच सीबीआई की 24 अगस्त 2017 को दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर है. इसमें आरोप था कि मंत्री रहते हुए (फरवरी 2015 से मई 2017 के बीच) सत्येन्द्र जैन ने अपनी आमदनी से कहीं ज्यादा संपत्ति बनाई.।
ED की जांच CBI की उस एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि दिल्ली सरकार में मंत्री रहते हुए सत्येंद्र जैन ने फरवरी 2015 से मई 2017 के बीच अपनी आय से कहीं ज्यादा संपत्ति जुटाई. सीबीआई इस मामले में सत्येंद्र जैन और उनकी पत्नी पूनम जैन के साथ-साथ अन्य लोगों के खिलाफ साल 2018 में ही चार्जशीट दाखिल कर चुकी है.।
सीबीआई ने सत्येंद्र कुमार जैन, उनकी पत्नी पूनम जैन और अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(2) के साथ 13(1)(ई) के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी. इसमें आरोप लगाया गया था कि सत्येंद्र कुमार जैन ने दिल्ली सरकार में मंत्री रहते हुए 14 फरवरी 2015 से 31 मई 2017 के दौरान आय से अधिक संपत्ति अर्जित की थी. सीबीआई ने 3 दिसंबर 2018 को सत्येंद्र जैन, पूनम जैन और अन्य के खिलाफ इस मामले में चार्जशीट दाखिल की थी। ईडी ने यह जानकारी सीबीआई को भी दी, जिसके आधार पर सीबीआई ने सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की और जैन की बेनामी संपत्ति का आंकड़ा और बढ़ा दिया. अब ईडी ने 7.44 करोड़ की और संपत्ति अटैच कर ली है. इस तरह अभी तक कुल 12.25 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी अटैच हो चुकी है|