चीन के विदेश मंत्री वांग यी 18 अगस्त से भारत के तीन दिवसीय दौरे पर आ रहे हैं। इस यात्रा का मकसद हिन्दू–चीनी सीमा पर तनाव को कम करना और भारत-चीन संबंधों में विश्वास बहाली के उपायों पर चर्चा करना है। यह दौर PM मोदी के SCO सम्मेलन में चीन यात्रा से पहले हो रहा है।
उनकी यात्रा में NSA अजीत डोवल के साथ सीमावर्ती मुद्दों पर SR (Special Representatives) संवाद शामिल है। इसके अलावा विदेश मंत्री जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता, और PM मोदी से मुलाकात की संभावनाएं हैं। बैठकें खास तौर पर सीमा पर शांति, व्यापार, और उड़ान सेवा पुनः शुरू करने जैसे विषयों पर केंद्रित होंगी।
यह यात्रा भारत–चीन संवाद को फिर से गति देने का संकेत है, खासकर Galwan Valley संघर्ष और सीमावर्ती तनाओं के बाद। दोनों देशों की कम्युनिटी और आर्थिक रिश्तों को पुनर्स्थापित करने की कोशिशों में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।