लखनऊ, 11 अगस्त 2025 – उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पहले ही दिन विपक्षी दलों ने सरकार के खिलाफ आक्रामक तेवर दिखाते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायकों और विधान परिषद सदस्यों ने विधानसभा परिसर में स्थित पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के पास विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान सपा नेताओं ने सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की बदहाली समेत कानून-व्यवस्था के मुद्दों को उठाया।
नारेबाजी से गूंजा सदन परिसर
सपा विधायकों ने ‘किसान विरोधी सरकार मुर्दाबाद’, ‘युवा बेरोजगार है, सरकार बेकार है’, जैसे नारे लगाते हुए प्रदेश सरकार पर हमला बोला। प्रदर्शन के दौरान विधायकों ने काली पट्टियां भी बांधीं और तख्तियों पर विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने चौधरी चरण सिंह के किसानों के सपनों को रौंद डाला है।
स्पीकर ने कार्यवाही स्थगित की
विपक्षी विधायकों का विरोध इतना उग्र हो गया कि सदन के अंदर भी हंगामा शुरू हो गया। सपा और कांग्रेस के सदस्यों ने वेल में आकर नारेबाजी की, जिससे सदन की कार्यवाही बाधित हो गई। स्पीकर सतीश महाना ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सदन की कार्यवाही को 15 मिनट के लिए स्थगित कर दिया।
राजनीतिक समीकरणों पर असर
इस हंगामे ने सत्र की गंभीरता पर सवाल तो खड़े किए ही हैं, साथ ही यह संकेत भी दिया है कि अगले विधानसभा चुनाव से पहले विपक्ष सरकार को कोई ढील देने के मूड में नहीं है। सत्र की शुरुआत से ही टकराव का यह माहौल आगामी दिनों में और तीखा रूप ले सकता है।