अमेरिका और रूस के बीच चल रहे विवाद के बीच भारत पर डोनाल्ड ट्रंप ने 50 फीसदी का टैरिफ ठोक दिया है. मौजूदा हालात में रूस के साथ वार्ता करने के लिए भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल मॉस्को पहुंचे हुए हैं. यहां वे रूस के अधिकारियों और राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात करने वाले हैं. भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल बुधवार को रूस पहुंचे। उनकी राष्ट्रपति पुतिन के साथ भी मुलाकात हो सकती है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद डोभाल की यह पहली मॉस्को यात्रा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की तरफ से रूस के साथ भारत के संबंधों पर की गई टिप्पणियों की वजह से ये यात्रा काफी अहम मानी जा रही है। ट्रम्प ने रूस से तेल खरीदने को वजह बताकर ही भारत पर पहले 25% फिर 50% टैरिफ लगाया है। भारत ने साफ कहा कि राष्ट्रीय हित से कोई समझौता नहीं करेंगे।
इस बीच ट्रंप को एक बड़ा झटका लगने वाला है। रूस की इंटरफैक्स न्यूज एजेंसी ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल के हवाले से बताया कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस साल के अंत तक भारत का दौरा कर सकते हैं. पहले इंटरफैक्स ने यह खबर दी थी कि पुतिन इस महीने के अंत तक भारत आएंगे, लेकिन बाद में इसे संशोधित कर बताया कि यह दौरा साल के अंत तक होगा. इस खबर की आधिकारिक पुष्टि न तो भारत सरकार ने की है और न ही रूस ने। इससे पहले डोभाल ने रूसी रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु से मुलाकात में कहा, “अब हमारे बहुत अच्छे रिश्ते बन गए हैं, जिनकी हम कदर करते हैं। हमारे देशों के बीच एक मजबूत साझेदारी है और हम हाई लेवल पर बातचीत करते हैं।राष्ट्रपति पुतिन ने 06 दिसंबर 2021 को भारत की यात्रा की थी। तब वे सिर्फ 4 घंटे के लिए भारत आए थे। इस दौरान भारत और रूस के बीच 28 समझौते पर दस्तखत हुए थे। इसमें मिलिट्री और तकनीकी समझौते शामिल थे। दोनों देशों ने 2025 तक 30 अरब डॉलर (2 लाख 53 हजार करोड़ रुपए) सालाना ट्रेड का टारगेट रखा था।
फरवरी 2022 में यूक्रेन वॉर शुरू होने के बाद यह पुतिन की पहली भारत यात्रा होगी। इस विजिट से दोनों देशों के बीच 2030 के लिए नए आर्थिक रोडमैप को आगे बढ़ाने की उम्मीद है।
भारत और रूस अपने बाइलैटरल ट्रेड को दोगुना करके सालाना 100 अरब डॉलर से ज्यादा करने पर सहमत हुए हैं। फिलहाल दोनों देशों के बीच करीब 60 अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार है।