पाकिस्तान ने अगस्त में प्रधानमंत्री मोदी को SCO समिट में शामिल होने का न्योता दिया था। लेकिन, दोनों देशों के बीच खराब रिश्तों के चलते विदेश मंत्री एस जयशंकर इस समिट में शामिल हुए हैं. जयशंकर पहले ही कह चुके हैं कि पाकिस्तान जाने का इकलौता मकसद SCO है, वे दोनों देशों के रिश्तों पर चर्चा नहीं करेंगे.
बता दें कि कई सालों बाद भारत के किसी वरिष्ट मंत्री की ये पहली यात्रा है। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और पाकिस्तान विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मुमताज़ ज़ाहरा बलोच ने साफ किया है कि SCO समिट के एजेंडे में भारत-पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय बातचीत शामिल नहीं है. मुमताज़ ज़ाहरा बलोच ने कहा, “ये SCO सेकेंड हाइएस्ट फोरम है. ये आर्थिक मुद्दों पर फोकस करेगी. समिट के दौरान व्यापार, जलवायु परिवर्तन समेत आर्थिक मुद्दों पर चर्चा होगी.” “ये एक मौका है, जहां SCO के सदस्य देश एक मंच पर आते हैं और आर्थिक मुद्दों पर चर्चा करते हैं. ऐसी समस्याओं का समाधान निकालने की कोशिश करते हैं. यानी विकासशील देशों के मुद्दे एजेंडे में शामिल हैं. इन मुद्दों की वजह से इंटरनेशनल सप्लाई चेन प्रभावित हुई है. इसका विकासशील देशों पर काफी असर पड़ा है. समिट में इन समस्याओं का समाधान खोजने की कोशिश होगी.”
हालाकि पाक औऱ विदेशी मीडिया मे बात चल रही है कि भारत और पाकिस्तान के बीच जमी बर्फ पिघल सकती है। लेकिन भारत की तरफ से फिलहाल ऐसा कोई इशारा नही है। हां पाकिस्तानी मीडिया में इस बात को हवा दी जा रही है। तो क्या जयशंकर की यात्रा से बातचीत की कोई खिड़की खुलेगी, ये देखने वाली बात होगी।