जम्मू कश्मीर औऱ हरियाणा चुनाव सर पर है सो सियासी पार्टियां सड़क पर। चुनावी हलचल के बीच हर पार्टी हर उम्मीदवार अपने अपने वोटर तक पहुंच बनाने में जुटा है। क्योंकि हर इक वोट ज़रुरी होता है। जम्मू कस्मीर में जहां कॉंग्रेस-नैश्नल कॉंफ्रैंस साथ मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं, वहीं बीजेपी भी इस बार पूरी ताकत के साथ मैदान में हैं।
उधर पीडीपी ने अकेले चुनाव लड़ने का फैसला कर संदेश देने की कोशिश की है कि चुनाव बाद गठबंधन के रास्ते खुले हैं। बहरहाल चुनावी गहमागहमी जारी है और वोटर भी समझ रहा है कि किस पार्टी नेता या गठबंधन से बात बनेगी। चुनाव इस लिए भी अहम हो जाते हैं क्योंकि 370 हटने के बाद और 10 साल के अंतराल में चुनाव हो रहे हैं। वक्त के साथ साथ चुनाव लड़ने और जीतने का तरीका भी बदला है। 2014 के बाद से तकरीबन हर चुनाव में सोशल मीडिया का अहम रोल रहा है। देश का युवा इससे अच्छे से कनैक्ट होता है सो हर पार्टी अपने सेशल मीडिया कैंपेन पर खूब मेहनत कर रही है । वैसे कोई जमाना था जब नेता चुनावी मैदान में रथ लेकर निकला करते थे।
लेकिन जम्मू कश्मीर जैसे राज्य की भूगोलिक स्थितियों को देखते हुए बीजेपी ने अपनी वैन रवाना कर दी है। केंद्रीय मंत्री और भाजपा के चुनाव प्रभारी जी. किशन रेड्डी ने डिजिटल प्रचार के लिए 6 वीडियो वैन को जम्मू से हरी झंडी दिखाई। ये वैन गांव गांव घर घर जा कर बीजेपी के कामों को दिखाएंगी, सरकार की कल्याणकारी नीतियों के बारे में जानकारी देंगी। बीजेपी ने पिछले 10 सालों में क्या क्या किया , पार्टी की क्या उपलब्धि रही इस सब से जुडी जानकारी औऱ सामग्री इस वैन में होगी। इसके अलावा सरकार का फ्यूचर प्लैन क्या है, राज्यो और उसके लोगों की तरक्की औऱ विकास के लिए पार्टी का रोडमैप क्या है इसकी जानकारी भी वैन के ज़रिए लोगो तक पहुंचाई जाएंगी। ये वैन पहले चरण में होने वाले तकरीबन सभी विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचेगी।
बता दें कि जम्मू-कश्मीर की 90 विधानसभा सीटों पर 18 सिंतबर, 25 सितंबर और 1 अक्टूबर को चुनाव होने हैं, जबकि मतगणना 8 अक्टूबर को होगी. हालांकि जम्मू-कश्मीर में पहले मतगणना 4 अक्टूबर को होनी थी, लेकिन चुनाव आयोग ने काउंटिंग की तारीखों में तब्दीली कर दी है।